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अपनी धरती

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Hindi Poetry
सुन ओ मेरे प्यारे बच्चे सुन मेरे नादान
अजब-गजब अपनी धरती के 
जाने कितने विधि-विधान
कभी सितारों संग शशि आता
 कभी रवि चढ़ता परवान  
कभी पवन उड़ा ले जाती
कभी सागर सा लगता आसमान
अजब-गजब ……………………
कंही दौड़ती सुन्दर नदियाँ
कहीं लुभाता रेगिस्तान
कहीं दूर तक गहरे जंगल
कहीं दर्रे करते हैरान
अजब-गजब ………………….
इसका खेल कभी न रुकता
हरदम चलता इसका फरमान
अजब-गजब अपनी धरती के 
जाने कितने विधि-विधान

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