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मेरी चाह

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Hindi Poetry

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4 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत सुन्दर रचना
    कवि की बहुत भावनिक मार्मिक दिल की अभिव्यक्ति
    जो हर रचयिता के low mood में आये बिना नही रहती
    कैसे चाहेंगे सब लोग जितना हम चाहें अपनी रचनाओं को
    नफरत कम करें यही काफी रहना चाहिए हम लोगों को 🙂

    • Sushil Joshi says:

      @Vishvnand, आदरणीय विश्वानंद जी….. बहुत बहुत धन्यवाद आपके प्रोत्साहन के लिए….. दरअसल यह मेरे जीवन की हक़ीकत को बयाँ कर रही है….. जब मेरे परिजनों ने मेरी कविताओं को दुत्कारा तो अनायास ही इस रचना ने जन्म लिया जो अब वास्तव में मेरी चाह बन चुकी है……

  2. santosh bhauwala says:

    दिल की गहराई से लिखी रचना !!बहुत खूब

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