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जनता जाए भाड़ में

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Hindi Poetry

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2 Comments

  1. Vishvnand says:

    विषय पर मार्मिक और प्रभावी रचना
    बधाई
    अब बहुत हो गया इनका अपने लोभ और स्वार्थ के कारण जनता को जाने देना भाड़
    अब जनता ही इन्हें सिखाएगी जब इनकी कुर्सी से इन्हें देकर पछाड़
    सज़ा देकर भेजेगी इन्हें जेल में जहां से जायेंगे सीधे ये नरक के द्वार

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