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उम्मीदों की किरण

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Hindi Poetry

आँखों में आँसू नहीं
उम्मीदों की किरण होनी चाहिए
हर ख्वाब पूरा करने की
दिल में चाहत होनी चाहिए
यारों के साथ रहो तो
तो दिल की कोई बात होनी चाहिए
काफिला जो मस्ती का चला
राहों में दिन गुजरें रात होनी चाहिए
चाहत हो गर किसी से
चंद लम्हों का सही मुलाकात होनी चाहिए
यार हो और मौसम हसीं
ऐसी सारी कायनात होनी चाहिए
आयें किसी पे दिल भी तो कैसे साहिल
शख्सियत में कुछ तो बात होनी
पैसा ही नहीं सब कुछ मेरे यार
दिलों में रहत होनी चाहिए
जिंदगी को ऐसे जीना मेरे दोस्त
कि मरने के बाद सबके दिलों में
अपनी सूरत होनी चाहिए
शशिकांत निशांत शर्मा ‘साहिल’

Shashikant Nishant Sharma

5 Comments

  1. santosh bhauwala says:

    अच्छी रचना !!बधाई

  2. s.n.singh says:

    chand lamho ka nahin bhai chand lamhon kee mulaqaat likhna chahiye.

  3. nish1603 says:

    सुंदर rachna….!!

  4. Vishvnand says:

    अच्छा प्रयास और भाव

    मेर ख्याल में निम्न सुधर आवश्यक हैं …

    “चंद लम्हों की सही मुलाकात होनी चाहिए”

    शख्सियत में कुछ तो बात होनी चाहिए”

    “रहत” का यहाँ क्या मतलब है

    “कि मरने के बाद सबके दिलों में
    अपनी सूरत होनी चाहिए” …. इस पंक्ति को ज़रा और refinement की जरूरत महसूस हो रही है

  5. dr.o.p.billore says:

    सुन्दर रचना बधाई i
    बड़ों के परामर्श अनुकरणीय होते हैं |

    कि मरने के बाद सबके दिलों में
    अपनी सूरत याद होनी चाहिए

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