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दिल और दौलत

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Hindi Poetry
तुला दान कर रहे कृष्ण, पर रहा  पलड़ा भारी
अखंड धन दौलत समक्ष तुलसी महिमा न्यारी
प्यार के दो मीठे बोल,सारी दौलत पर है भारी
 दुश्मन को भी दोस्त बना,मिटा दे नफरत सारी
 
जिनके एक पलड़े में हो प्यार, और दूजे में दौलत
 कहाँ कर पाते सच्चा प्यार,हरपल रहता तड़पना
 प्यार के वशीभूत ठुकरा दे जो दुनिया की दौलत
इतिहास के पन्नो पर,लिख जाते वो नाम अपना

 

 तोल कर देख लो, ऊपर ही रहे प्यार का काँटा
हो प्यार की जीत ,यही हर दिल की अभिलाषा
दिल और दौलत कभी भी, रह सके ना बराबर
प्यार में है ताकत बड़ी, इतनी सी है परिभाषा
 
संतोष  भाऊवाला

4 Comments

  1. Siddha Nath Singh says:

    achchhi panktiyan.

  2. rajendra sharma "vivek" says:

    Pyaar par achchi rachanaa

  3. Vishvnand says:

    वाह बहुत बढ़िया अंदाज़
    और रचना का प्यार पर साज़
    बहु मन भायी
    हार्दिक बधाई

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