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बुद्ध पूर्णिमा

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Hindi Poetry

बात पुराणी है
लोगों ने कही सुनी है
सच्ची है ये बात
गौतम बुद्ध का जन्म हुआ
पूर्णिमा की रात
उन्ही की यद् में बुद्ध पूर्णिमा
यद् करो बुद्ध की महिमा
त्रस्त था जब मानवता
अहिंसा का पाठ पढ़ाया
जब छाया था विलासिता
सन्यास का पाठ पढ़ाया
लोगों ने उनकी बात मानी
सुनी अमृत वाणी
बात पुरानी है
शशिकांत निशांत शर्मा ‘साहिल’

Shashikant Nishant Sharma

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    कृपया ऐसी नहीं, अपनी तरफ से खुद शब्द और व्याकरण की गल्तिया सुधार कर रचनाएँ पोस्ट करें ये उचित होगा l इस रचना को कृपया edit कर सुधार दीजिये
    और आपने आज फिर norm की बजाय इकदम ४ रचनाये पोस्ट की हैं, ये भी उचित नहीं है

    • @Vishvnand, अब से इस बात का ख्याल रखूँगा कि एक दिन में २-३ कबितायें ही प्रकाशित करू और यथा संभव व्याकरण का ध्यान रखूं

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