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विजय दिवस

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Hindi Poetry

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6 Comments

  1. Vishvnand says:

    देश के असली भक्त वीरों को सुन्दर भावांजली

    आज के भ्रष्ट राजनीति के रिश्वतखोरों को इसकी कुछ ना पड़ी …
    इसीलिये कारगिल के वीरों के परिवारों के प्रति इनने नहीं अपने वादों की पूर्ति की

  2. s n singh says:

    सुन्दर प्रेरक पंक्तियाँ , अंतिम पंक्ति में जिसने की जगह जिनने होना चाहिए , kyon?

    • Sushil Joshi says:

      @s n singh, बहुत बहुत धन्यवाद सर…… पंक्ति सुधार की सलाह पर अवश्य गौर करूँगा….. आप बुद्धिजनों का सहयोग ही मेरा प्रोत्साहन बढ़ाता है…..

  3. parminder says:

    बहुत सुन्दर और प्रेरक कविता! काश इन शहीदों को सही मायने में इज्ज़त और सत्कार मिल पाता!

    • Sushil Joshi says:

      @parminder, सही कहा आपने परमिंदर जी….. टिप्पणी के लिए शुक्रिया….. देरी से प्रत्युत्तर के लिए क्षमा चाहता हूँ…..

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