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अपनापन

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संकट में सक्षम होकर भी तुम  ना आये  काम  |
अपना कहा कर रिश्तों को मत कर देना बदनाम || 

5 Comments

  1. s.n.singh says:

    Tum naa aaye kaam kar den to adhik taartamy dono panktiyon me ho jaaye, kyon?

  2. C K Goswami says:

    सिंह साहिब ने सही कहा इससे कविता का और भी वज़न बढ़ जायेगा.
    दो पंक्तियों में सब कुछ कह दिया

  3. dr.o.p.billore says:

    बिलकुल ठीक | पंक्तियों के परिमार्जनार्थ दिए गए परामर्शानुसार परिवर्तन कर दिया गया है |
    रचना पर ध्यान देने तथा बहुमूल्य परामर्श के लिए एस .एन .सिंह साहेब एवं सी .के .गोस्वामी साहेब आप दोनों का धन्यवाद |

  4. Vishvnand says:

    वाह; बहुत खूब और मार्मिक
    धन्यवाद

    जो संकट में काम आते उन्हें पास भेजे खुद भगवान्
    भले हम उन्हें रिश्तेदार या दोस्त कोई भी दे नाम ….

  5. dr.o.p.billore says:

    विश्वनंदजी , रचना की प्रसंशा एवं काव्यात्मक प्रतिक्रिया के लिए आपका धन्यवाद | बिलकुल सही कहा आपने , जाने किस रूप में किसे भेज दे प्रभु मदद के लिए |

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