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भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है

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Hindi Poetry

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है ,

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ।

बात बहुत पहले की है, जब विधाता का छोटा सा संसार था ,

इंसान हो या पशू-पक्षी, सबमें बेइंतहा  प्यार था ,

सबके बंटे हुए,अपने-अपने काज थे,

छोटा हो या बड़ा करते सब बेलाज  थे,

मानते थे की हर नर में ईश्वर और नारी में स्वयं माता है ,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है ,

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

दिन की रोशनी में सूरज का हाथ था ,

और रात की शीतल शांति को चंद्रमा का साथ था,

दोनों  बारी-2 से  सबकी  रखवाली करते  थे,

पर एक-दुजे  को थोड़ा अखरते थे,

हालांकि व्यवहार में दोनों भिन्न थे,

इसीलिए रहते खिन्न थे ,

सूरज को अपने तेज पर नाज था,

और चाँद की उदासी में एक राज था,

पर लाख छुपाओ कोई अपना तकलीफ जान ही जाता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

बस एक कोयल चाँद  की हमजोली थी,

समझती उसके नैनों की बोली थी ,

हमेशा पूछती थी की सखा क्यों रहते हो अनमने ?

अपना समझ के बताओ तो कुछ बात बने,

पर चाँद हमेशा जाता टाल था,

कभी पर कोयल न ख़त्म होता सवाल था,

एक दिन वो अड़ बैठी की आज न खाली जाउंगी ,

करती हूँ तुम्हे खुश रखने का वादा, हर हाल में निभाउँगी ,

मन भर  आया चाँद का, आज वो अपना दर्द सुनाता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

तू इतना पूछती है तो सुन बहना,

मैं भी चाहता हूँ सबके साथ रहना,

एक तो रात का अकेलापन मेरी ख़ामोशी का राज है,

और दूजा वो जो सूरज के सर पर चमकीला ताज है,

सब सोते है एक मैं  ही अकेला चक्कर लगता हूँ,

रखवाली के कारण अपनों से मिल भी न पाता हूँ,

सूरज अपना ताज दिखा-दिखा मुझे चिढ़ता है,

मेरे पास भी हो वैसा,ये ख़याल मुझे बहुत आता है,

आखिर मेरा भी दिल है,  वो ख़्वाब सुनहरे सजाता  है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

अब कोयल की वादा निभाने की बारी थी,

कोशिशें उसकी हर तरह से जारी थी,

कैसे छेड़ूँ अपने सखा के जीवन में खुशियों के साज?

अकेलापन भर दूँ उसका,या तो पहना पाऊं ताज,

बहुत सोचा की रात में सबको जगाना है बड़ा मुश्किल,

क्यों न सूरज का मुकुट ही चुरा लूँ ?

ये उपाय है जरा कम जटिल,

सच्चे दोस्त का एक वादा देखो ईश्वर का डर  भी भुलाता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

गहरी नींद में था सूरज ,जब चुपके से उसने ताज चुराया ,

सखा कि खातिर उस भार को भी,फूलों  सा उठाया,

चली लेकर आँखों में एक प्यारी मुस्कान ,

पर आखिर तो थी, एक नन्ही सी जान,

कुछ ही दूर चली थी की हांफ गयी,

रुकी तो मुश्किल में फंसूगी  ये भांप गयी,

पूरा दम लगाकर उड़ी जाती थी ,

भोर की वेला निकट जल्दी आती थी,

कैसी कशमकश है देखो ?

यारी देती है हिम्मत और नैतिक भय हराता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

बस पहुँचने को ही थी वो, की अचानक एक मुर्गा बोल गया,

एकदम आई इस विपदा से,नन्ही का तन-मन डोल गया,

ताज छूटकर चोंच से,ऊँचे परबत से जा टकराया

अल सुबह के उस नाद ने,सबको अचानक जगाया,

बिखर गए आकाश में, सब तरफ हीरे-मोती,

सहमी कोयल थी खड़ी, भय और लाज से रोती,

क्रोध के कारण सूरज देखो, आँखों ही आँखों में गुर्राता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

जा के ईश्वर के दर आज ,सबने न्याय की पुकार लगायी ,

माजरा सुन दाता  ने,सबकी सुलह कराई ,

की व्यर्थ ही कोयल पर सब रोष  है ,

इन सबमें मेरा ही सर्वथा दोष है,

सबको साथ दिया इक-दूजे का और,चाँद को बांटी तन्हाई,

ये जो बिखर गए है हीरे मोती ,सब चाँद के संगी हो जाएँ,

उसे भी मिले कुछ अवकाश ,तब ये टिमटिमाकर रास्ता दिखाएँ,

चाँद  का कोयल को आज तहेदिल से आभार था,

वादे  की जीत पर कोयल की ख़ुशी का आज  न पारावार था,

मंशा अच्छी हो दिल में गर, तो देखो ईश्वर खुद ही चलकर आता है,

भोर से पहले का अँधेरा मुझे बड़ा लुभाता है |

बचपन की एक खुबसूरत कहानी याद दिलाता है ||

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

5 Comments

  1. SN says:

    what a story, bas ye shiayat rahi ki itni deergh kyon hai ki antim padav tak aate aate aadmi haanf jaye,

  2. sushil sarna says:

    bhaavnaaon ka manmohak sailaab dil ko bhaata hai-agar rachna kee lambaaee thodee km hotee to uchit hota-sundr prastuti ke liye haardik badhaaee

    • kshipra786 says:

      dhanyvaad sir.par kai tarah ki majburiyaan hoti hai ,bas iski lambaai bhi meri majburi hi samajh lijiye .

  3. anjaana says:

    Acchi bhavanao ka varnan h. Pur thodi kavita kam upanyas jyada lag rahi h.

    • kshipra786 says:

      use shayad epic kahte hai, vo hi sahi.kam se kam fature men itihaas ke kisi boring kavi ke roop men to yaad kiya jayega.

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