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ख्वाबों में तेरा आना

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Hindi Poetry

ख्वाबों में तेरा आना और फिर,
akar u मुझे houle से jagana,
और kanon में मेरे ये कह जाना,
lutkar मेरी आँखों से neediya,
chain kase तुम्हे milegaa,
मेरी tadpan की tapish se,
क्या तुम jal ही नहीं रही,
या bekhabar होने की ये adaa है,
जो प्यार jatane से bilkul juda है,
और barbas ही सपने में hansti हूँ,
choti bahan jhinjhor कर jagati है,
मेरी इस halat पर muskurati है,
मेरे hansne की tah तक जाना chahti है,
pagali wo क्या जाने ये तो एक khwab है,
ये प्यार है jisme jagnaa kon chahata है,
सबसे dur rahkar akelaapan bhata है,
सिर्फ mahboob के साथ rahna chahata है,
और में उसे dantkar samjhati हूँ,
sone दे कल ऑफिस भी तो जाना है,
अपने आप को bos की dant से bachana है,
और फिर adhure khwab को dhundhne lagti हूँ.

3 Comments

  1. Sudha says:

    Kalawati Ji…I liked the last lines…
    सिर्फ mahboob के साथ rahna chahata है,
    और में उसे dantkar samjhati हूँ,
    sone दे कल ऑफिस भी तो जाना है,
    अपने आप को bos की dant से bachana है,
    और फिर adhure khwab को dhundhne lagti हूँ.

  2. kalawati says:

    thanx sudha ji 4 ur comment

  3. neeraj guru says:

    एक बेहतर कविता.पर जिस तरह से लिखा है वह जानबूझकर किया है या कहीं कोई गलती है.

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