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“जीवन- मंत्र”

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Hindi Poetry

पाना है गर असीम आनन्द,
पानी है गर निस्तब्ध शांति,
पाना है गर अन्नंत सुकून,
पानी है गर चरित्र कांति,
पाना है गर जिंदगी लक्ष्य,
पानी है गर अविरल कीर्ति,
पाना है गर अथाह प्यार,
पानी है गर सदैव अटल जीत,
पाना है गर कुंदन सा भाग्य,
पानी है गर सबकी दिली दुआएं,
तो बस ये सब पाने को तुझे,
रखना होगा संयम तो अपार,
करना होगा त्याग बेशुमार,
तब होगी सूने जीवन में बहार,
तब है तेरा ही तो ये संसार,

10 Comments

  1. sangeeta says:

    A good attempt stating a very true principle of life.

  2. Vishvnand says:

    अच्छी कविता, कल्पना और प्रयास.
    मनभावन

  3. Parespeare says:

    good one ma’am

  4. dr.paliwal says:

    Good Thoughts…
    Nice one….

  5. Raj says:

    Well said. A way to make your life – ‘A Life’.

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