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“p4poetry की सालगिरह “

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Hindi Poetry

आज का दिन है नव-कवियों बड़ा ही महान ,
आज के दिन ही आई एक साईट महान,
हम कवियों का कर दिया जिसने कल्याण,
इस साईट पर है हमारा दिल कुर्बान,
क्या कहें इसके जलवों के बारे में,
शब्द ही नहीं शब्दकोष हमारे में,
कुछ अगर कहूँ तो वो है जैसे बस,
सूरज को दिया दिखाने की कोशिश,
ये साईट है हम नवकवियों की प्लेटफोर्म,
जहाँ हम करते सबको भावनाओं से इन्फोर्म,
ऐ साईट तेरा शुक्रिया कैसे करूँ मै अदा,
तुझ पर तो है मेरी दिलों जान फ़िदा,
एक साल ही क्यों हो पूरा तेरा जहाँ में ,
लग जाये मेरी भी उम्र जो हो हजारों में,

अहिल्या

6 Comments

  1. renu rakheja says:

    बहुत खूब !

  2. Vishvnand says:

    बहुत भावपूर्ण, मनभावन आदरांजली
    p4poetry को संबोधित जैसे हमसब की भावनाओं का हो प्रतीक.
    इस सुन्दर रचना के लिए बहुत बधाई और हार्दिक धन्यवाद भी

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