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प्रभुनाम….!

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Hindi Poetry

प्रभुनाम ….!

प्रभु  का  नाम
थोडा  करो  अभ्यास
सुखी  जीवन ….

नाम  स्मरण,
जीने  का   है  साधन,
देता   आनंद ….


नहीं  कठिन
मन  में   हो  प्रभुनाम  ,
सफल  काम ….

कैसे  बताऊँ,
नाम  ही  जीवन  का,
सच्चा  सा  धन   (सच्चा साधन)….

मैं तो कहता
नाम है सबकुछ
मेरा जीवन …..

—- ” विश्व नन्द ” —-

6 Comments

  1. c k goswami says:

    विश्व का आनंद प्राप्त करने वाले ,शरण आये प्रभुनाथ के
    जीवन सफल है जग में उसका ,जो सेवक प्रभुनाथ के
    प्रभुवंदन स्वीकार्य है.

    • Vishvnand says:

      @c k goswami
      आपकी सुन्दर प्रतिक्रया का सन्मान और स्वीकार

  2. suren says:

    dhanyawad he tumko
    jo Sachha Dhan Diya
    Leke Prabhu Nam
    Vishwanand bhi Magan Hua

    • Vishvnand says:

      @suren
      आपकी प्रतिक्रया पढ़ बहुत आनंद पाया. आपका तहे दिल से शुक्रिया.
      आपका p4poetry में अधिक परिचय और participation की आशा कर रहा हूँ.

  3. medhini says:

    A lovely sweet poem. Liked it
    well.

    • Vishvnand says:

      @medhini
      Thank you very much for your delighting comment. The expressions in this write are very close to my heart and in the practice of ” नामसाधना “

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