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ख़ुशी

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Hindi Poetry
ख़ुशी क्या है..??
सिर्फ चेहरे पर आई मुस्कान,
या दिल की वो मुस्कराहट
जो झलके आँखों में भी,
जो आँखों में दमके,
वही ना!!!
क्योंकि वही तो है
जो रोशन करती है समां को भी,,
फिर भी क्यों,
लोग नज़रअंदाज़  करते है इन बातों को,
और कहते हैं,
ये नहीं तो वो ले लो,
पर खुश रहो बस,
पर क्या उस पल भर की मुस्कान,
और
आँखों में झिलमिलाती उस मुस्कराहट में
कोई भी फर्क नहीं?
है तो इंसान किस्मत के हाथों की कठपुतली,
जो मिलता है,अपनाना पड़ता है,
पर फिर भी
सच्ची दुआ और ख़ुशी वो ही
जो दिल से निकले,
और दिल में है,तो ही
ज़िन्दगी खूबसूरत है
और ख़ुशी से भरपूर भी..!!!!
 
 
 
 

4 Comments

  1. dr.paliwal says:

    Beautiful….

  2. Vishvnand says:

    सुन्दर रचना,
    बहुत मनभायी, हार्दिक बधाई

    पर यूं तो “हम बहुत खुश हैं” यह दुनिया को बतलाने लोग क्या क्या नहीं करते जैसे की औरों को decide करना है की हम खुश हैं या नही, खुद को नहीं …..

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