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tera khyal

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Hindi Poetry, Uncategorized

कही भी जाऊ एक चेहरा साथ चलता है ;
तेरा ख्याल मुझे रात दिन सताता है [१]
रात आगोश में बाती की तरह जलती है ;
दिन में कोई सपना मुझे फिर उडाये जाता है [२]
एक आवाज दे और रोक ले कोई मुझको ;
मेरा वजूद मुझे खींचे लिए जाता है [३]
साफगोई से दिल बहलता नहीं ;
झूठे वादों पे जिए जाता है [४]
इस समंदर के किनारे है बहुत ;
इन किनारों से दिल घबराता है [५]
तुम मेरे साथ चलो या न चलो ;
तेरी राहों से मेरा नाता है [६]
विजय

2 Comments

  1. dr.paliwal says:

    Bahut sundar khayal aur rachna bhi…..

  2. Vishvnand says:

    बहुत सुन्दर रचना, मनभावन,
    लगा की जैसे कविता के इन ख्यालों से,
    हम सब का भी प्यारा सा नाता है ….
    हार्दिक बधाई

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