« »

सुंदरता

2 votes, average: 3.50 out of 52 votes, average: 3.50 out of 52 votes, average: 3.50 out of 52 votes, average: 3.50 out of 52 votes, average: 3.50 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

ये कजरारे नैन
दिल का छीने हैं चैन.
मेरी कटती नहीं हैं रैन.
तुम बिन जी नहीं पाउँगा.
मैं जी नहीं पाऊंगा.

तेरी गहरी गहरी आँखें
मुझ से करती हैं बातें.
तेरे प्यार में बन गया जोगी
दिन से लम्बी हैं रातें.
आँखों में तू समायी
पलभर की भी जुदाई
मैं सह नहीं पाऊंगा.
ये कजरारे नैन…….

एक आस जगी है दिल में
तू कब आएगी मिलने.
अ! सुंदरता की देवी,
मेरी रूह लगी है खिलने.
पूरी कर कसमों को.
चाहत के ज़ख्मों को,
मैं सी नहीं पाऊंगा.
ये कजरारे नैन……..

दिल दूंढ रहा है तुझको.
तेरी याद सताए मुझको
मैं फिरता हूँ गलियों में.
कही तू मिल जाये मुझको.
मेरे दिल पर ये कहर है.
तेरे गम का जो ज़हर है,
मैं पी नहीं पाऊंगा.
ये कजरारे नैन………

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    ये एक अतिसुन्दर सा गीत प्रतीत हो रहा है,
    बहुत मनभावन,
    हार्दिक बधाई.
    इसे कृपया अपना सुर देकर पॉडकास्ट करें ये चाह है.

  2. vmjain says:

    गीत की तरह लिखी गयी कविता अच्छी है. विश्वनंद जी का कहना सही है. सुर देने का प्रयत्न करना बनता है.

Leave a Reply