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रात का इंतज़ार

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Hindi Poetry

इतने अरसे बीत गए
तुम किसी और के हुए
मैं किसी और की
दिन के इस शोर से दूर जब रात के कुछ पल मेरे होते हैं
हर करवट में तुम्हारी  यादें ताज़ा करती हूँ
सोचा था उन्हें दफना दिया था ,बस हर साल बरसी करूंगी
पर ऐसी उलझी हैं सीने में ,जड़ें गड़ाकर बैठ गयी हैं
जिस्म तो दूर हुए मगर रूह तो नहीं
अब यही ज़िंदगी का सुकून हैं
अब यही दोस्त हैं मेरी
यही सहारा हैं

सोने से डरती हूँ कि उनसे तो जुदा ना हूँ
कैसी अजीब बात है
जब तुम्हारी बाहों में रातें गुज़रती थी तो नींद मुनासिब ना थी
अब जब तुम नहीं हो तो भी नींद मुनासिब नहीं
नींद से कभी दोस्ती ना हो पायी
कभी रिश्ता नहीं बन पाया

पर मांग में सिन्दूर है,गले में मंगलसूत्र
होठों पर मुस्कान
और रात का इंतज़ार

21 Comments

  1. prachi says:

    it just touched my heart… itzz brilliant renu,,i dont hv ny words 2 wrte a cmnt 🙂

  2. Vishvnand says:

    बहुत सुन्दर, सरल शब्दों की पर गहन, महीन भावनाओं में बहती हुई प्रशंसनीय कविता.
    बहुत मनभावन और ह्रदयस्पर्शी ,
    इस रचना के लिए हार्दिक बधाई

  3. vmjain says:

    गहन भावनाओं में बहती ह्रदय को छू जाती हुई कविता. बहुत मज़ा आया.

  4. अच्छी भाव-अभिवयक्ति, खूबसूरत रचना.
    बहुत ही मर्म स्पर्शी लिखती है. बधाई की पात्रा है.
    अपने ही गीत की चंद पंक्तिया इस भाव को समर्पित करता हूँ :-
    “फलसफा जीवन को देखो, आरजू रोने लगी है.
    वक़्त की हर मार को अब ज़िन्दगी ढोने लगी है.
    तेरी यादों का सितारा भी ज़रा धुंधला रहा है.
    कर्म की सरगर्मियों में आस्था खोने लगी है.
    फिर भी जाने क्यों जिगर में इक समाधि सी बनी है.(
    आँख से टपके दो आंसू , भावना के फूल, कहना.
    तुम हमारे प्रेम को ना ज़िन्दगी की भूल कहना…….
    (पूरा गीत इसी साईट पर पोस्टेड है.)

  5. sushil sarna says:

    Renu jee, आपकी ये रचना शायद हाथ से फिसली वक्त की रेत के दर्द का बयाँ करती है-एक अनमोल सराहनीय कृति – हार्दिक बधाई- इसी पर दो शब्द अर्ज हैं :

    धूप ढलती है तो साये भी फना हो जाते हैं
    नये सूरज के साथ नये साये भी हो जाते है
    लाख छुपा लें खुद को अंधेरों में लेकिन
    कुछ लम्हे जिन्दगी में हमसाये हो जाते हैं

    • renu rakheja says:

      @sushil sarna, धन्यवाद सुशील जी .
      कुछ लम्हे जिन्दगी में हमसाये हो जाते हैं- बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति है

  6. U.M.Sahai says:

    बहुत हृदयस्पर्शी रचना, बधाई, रेनू जी

  7. Ravi Rajbhar says:

    Dil ko chhu lenewali bahut hi pyari rachna… badhai.. 🙂

  8. vpshukla says:

    marmsparshi rachana,badhai.

  9. parminder says:

    दर्द भी, लय भी , सुंदर अभिव्यक्ति |

  10. neha says:

    man ko jhakjhor dene wali rachna likhi hai apne .har shabd dard se paripoorn v lipt hai …bahut badiya

  11. Jyoti says:

    Hi Renu, this poem is so delicately beautiful …reminds me of the lyrics of an old song that says …our sweetest songs are those that are played in the saddest notes…

  12. Jyoti says:

    Delicately beautiful, well written renu, as they say …our sweetest songs are those that are stringed to the saddest melodies…

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