« »

एहसास

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

सुना था की एक एहसास है मोहब्बत उसे महसूस किया जाता है
हमने भी महसूस करना चाह सो हाथ बढ़ा उसे छूना चाहा
पर छू ना सके
सांस खींच कर गहरी मुश्क लेनी चाही हमने पर
सूंघ ना सके
अक्ल दौड़ाई और ये समझे की शायद संगीत के जैसे
सुनते होंगे
खामोश रह सुनना चाहा पर आह्ट तक उसकी सुन ना सके
परेशान हो हमने सोचा
बेवकूफी है यह
क्यूँ परेशान होना
इसे भूल जाओ
पर लाख कोशिशों पर भी
प्यार को हम भूल ना सके
भूल ना सके

3 Comments

  1. siddhanathsingh says:

    ईमानदार आत्म स्वीकार कविता को भावप्रवण मांसलता दे रहा है.

  2. U.M.Sahai says:

    बहुत खूब, विनय, प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है.

  3. prachi says:

    hmmm,,good effort but i did nt like d ending much as per d beginning but sure u will improve dear,,keep writing nd stay connected 🙂

Leave a Reply