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मैं अकेला हूँ यहाँ पर ….! (गीत)

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Hindi Poetry

एक प्रेम गीत जिस तर्ज़ में उभरा उसी में गाकर इसके podcast सहित प्रस्तुत है…

 

मैं अकेला हूँ यहाँ पर ….! (गीत)

मैं अकेला हूँ यहाँ पर
साथ तेरी याद है ….
हो गए तुम दूर जब से,
दिल तेरे ही पास है ….!

प्यार तुझसे ही किया है,
आज भी करते हैं हम,
गीत जो गाये कभी थे
आज भी दुहरायें  हम  ….
कब मिलोगी फिर तुम हमसे
सोचते  हैं  रात दिन ……
मैं अकेला हूँ यहाँ …….

ये समा कितना सुहाना,
पर हमें भाता नहीं,
मन की ऐसी ये उदासी,
कुछ किये जाती नहीं ….
कैसे बहलाऊँ मैं मन को,
साथ जो तुम ही नहीं ….!
मैं अकेला हूँ यहाँ …..

राहें जीवन की कुछ ऐसीं,
गज़ब ढाएँ प्यार पर
उभर आतीं
उलझने
क्यूँ प्रेमियों की राह पर ….
ना तुझे समझा सका मैं,
हक़ तेरा ही है मुझ पर ….!
मैं अकेला हूँ यहाँ ….


“विश्वनंद “


9 Comments

  1. dr.o.p.billore says:

    आदरणीय विश्वनंदजी ,
    आपकी विरह रस प्रधान रचना पढ़ते पढ़ते
    “शिवमंगलसिंह सुमनजी” की याद बरबस आगई |
    उनकी भी एक रचना कुछ इस प्रकार थी |
    ” …………………, और पास नहीं हो तुम |
    श्रेष्ठ रचना केलिए साधुवाद |

    • Vishvnand says:

      @dr.o.p.billore
      आपके उत्साह वर्धक कमेन्ट के लिए मेरा हार्दिक शुक्रिया.
      ये मेरी रचना कवित्व में कम, गीत ज्यादा है जिसमे शब्दों के भाव और गीत के सारे अर्थ इसकी तर्ज़/गाने में व्यक्त होना चाहिए. क्या आप इसका podcast सुन सके हैं ?

  2. rajdeep says:

    bahut acchi rachna hai sir

  3. sushil sarna says:

    एक और सावन की बोछारों सा सुंदर गीत-दिल के किसी कोने में हल्की सी विरह,प्यार में लिपटी उदासी की परत को खोलता प्यारा सा गीत-पढकर अच्छा लगा-बधाई

    • Vishvnand says:

      @sushil sarna
      आपकी ऐसी मीठी काव्यमय प्रतिक्रया पढ़ मन भर आया .
      आपका तहे दिल से शुक्रिया

  4. vmjain says:

    आपके गीत गाने का अंदाज़ बहुत मनभावन है. बिलकुल मशहूर गायक हेमंत कुमार से मिलता जुलता.

  5. parminder says:

    बहुत सुन्दर! और जैन साहिब से पूरी तरह सहमत हूँ, आपको सुनते ही हेमंत साहिब याद आ जाते हैं!

  6. Vishvnand says:

    vmjain sahib & parminderji
    The manner of your comments of appreciation have gratefully humbled me with gratitude and delighted me with encouragement to make me feel my sincere efforts as worthwhile. I am indeed very grateful.

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