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लाटरी के ‘ ई मेल ‘ आये लखपति बनाये

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Hindi Poetry

लाटरी के  ‘ ई मेल ‘  आये
लखपति बनाये
(आजकल हर दूसरे ई मेल पर लाटरी निकलने के सन्देश  या आपके नाम किसी विदेशी की वसीयत के सन्देश आते हैं और वो डाक खर्च ,कमीशन या टैक्स के नाम पर आपसे रकम मंगवाते हैं ताकि आपको लाटरी की राशी या वसीयत की राशी भेजी जा सके. मंच के लोग  इससे सावधान रहें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी या बैंक खाता /बैंक का नाम उन्हें ना बताएं.यह कविता जन हितार्थ भेज  रह हूँ  ताकि कोई इसका शिकार ना बने.जयपुर में ऐसे कई गिरोह पकडे भी गए हैं)

बहुत खुश हुवे थे’ ई मेल’ पा कर
अब चुपचाप  बैठे  हो सब कुछ  लुटा कर
ई मेल  पढ़ी समझ बैठे  भाग्यशाली
अचानक जब मिला धन,तो दुनिया उठाली
बड़े बड़े सपने संजोये थे तुमने
लाखों की बातें करोडो थे अपने
बल्ले बल्ले हुवा दिल जब  सुना  लाटरी निकली
‘ढाई लाख पोंड्स ब्रिटिश’ ने तो किस्मत ही बदली
बिना जब खरीदे टिकट लाटरी निकले
तो क्यूँ ना कोई उसको पाने को फिसले
पूछा था बस नाम, पता, बैंक खाता
ईनामी रकम  को जहां भेजा जाता
जनम तिथि की फिर  मांगी जानकारी
किस खाते में भेजे बतादो,रकम है ये भारी
लेकर जानकारी फिर इक मेसेज  आया
भारी रकम का  डीडी बनेगा ,कमीशन का पैसा फिर जल्दी मंगाया
कमीशन के उसने   हजारों  भिजवाए
उम्मीद में वो  बैठा अब डीडी आये
मगर समाचार फिर इक दिन ये आया
बिना आयकर के ना  रकम भेज पाया
तुरत आय कर का बंदोबस्त जल्द कर लो
ढाई लाख पोंड्स से फिर घर अपना भर लो
उधार  लेकर उसने फिर दो लाख   भिजवाया
इंतजार कई दिन से ,पर डीडी  ना आया
अब रोने पीटने ,उधार चुकाने के अलावा, उसके पास कुछ ना बचा
ऐसी’ ई मेल ‘हर एड्रेस पर आ रही हैं बच के रहो ना खा जाना गच्चा
करोडपति की वसीयत के क़िस्से सुने बहुत  जाते
मरते वक़्त वो वसीयत आपके नाम कर जाते
फिर वसीयत की रकम  आपके पास कैसे आये
डाक खर्च भेजो तो  वसीयत की रकम  भिजवाए
मुफ्त का धन पाने को आप जाल में फंस जाते हो
डाक खर्च और टैक्स की राशी उन्हें भिजवाते हो
पर सोचो
कोई परदेशी ये वसीयत नाम तुम्हारे ही  लिखेगा क्यूँ ?
कोई लाटरी बिन टिकट ख़रीदे तुम्हारे नाम पे निकलेगी क्यूँ?
जिस दिन भी तुम इस बात पे कर लोगे विचार
उस दिन से ठगी बंद होगी,ना कोई होगा शिकार
—–सी के गोस्वामी (जयपुर)

13 Comments

  1. ashwini kumar goswami says:

    बहुत सही, सटीक एवं सचेतक सन्देश दिया है आपने ! मेरे नाम से भी ऐसे १-२
    इ-मेल आये पड़े हैं जिनमें क्रमशः ३,५०,००० डोल्लर और १,५०,००० डोल्लर की
    वसीयतें मेरे नाम की हुई बतलाई गई हैं और उनका ड्राफ्ट भिजवाने हेतु डाक
    खर्च की मांग की जा रही है ! मैंने अभी तक कोई सकारात्मक प्रत्युत्तर नहीं
    भिजवाया है और न ही ऐसा सोचा है ! धन्यवाद !

    • ashwini kumar goswami says:

      @ashwini kumar goswami, ५ सितारे
      वांछनीय हैं !

    • c.k.goswami says:

      @ashwini kumar goswami, ऐसे ई मेल मुझे भी कई बार प्राप्त होते हैं किन्तु मैं उन्हें मिटा देता हूँ और कई बार तो उन्हें निर्देश भी देदेता हूँ की भविष्य में इस तरह के सन्देश न भेजें.
      कविता लिखने का उद्देश्य ही सब पाठकों को सावधान करना है.

  2. Vishvnand says:

    सुन्दर रचना और सही उपदेशपर खुलासा,
    पर समझ नहीं आता
    कोई समझदार आदमी कैसे ऐसा गधा बन जाता,
    कैसे कैसे लोग तुमने रचें हैं ए मेरे विधाता …. 🙂

    • c.k.goswami says:

      @Vishvnand, लोगों की मुफ्त धन की लालसा ही उन्हें इन ठगों का शिकार बनाती है. सच में ऐसे मुर्ख लोग ही इनकी चपेट में आते हैं. आपकी सटीक प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद्.

  3. basant tailang bhopal says:

    केवल मात्र प्रेम और मोहब्बत में डूब कर ग़ज़लें लिखना या नज़्म और रुबाईयाँ लिखना अथवा विरह रस में खो कर रोना पीटना लिखना ही कवि का धरम नहीं ,सच्चा कवि वो है जो हर विषय पर लिखे,समाज को सावधान करे,उन्हें जागरूक बनाये,ये सब गुण इस संदेशात्मक कविता को देख कर, लगता है,आप में है.यद्यपि ये कविता लम्बी हो कर बोझिल सी महसूस होती है किन्तु यह भी कवि की मजबूरी है कि वो संदेशात्मक कविता का जब तक सन्देश पूरा न करे ,तब तक वो कविता अधूरी न छोड़े
    कविता का जो उद्देश्य था वो पूर्ण सन्देश के बाद पूरा हो गया .कवि ने आगाह किया है इस प्रकार के ‘ई’संदेशों से ………हम सभी को इन संदेशों से सावधान रहना है.कवि को साधुवाद.

  4. Raj says:

    A good message to those who do not use their brain.

    • c.k.goswami says:

      @Raj, आम लोगों को बताने के लिए आज ही प्राप्त हुयी एक ई मेल को यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ……..हो जाओ सावधान ऐसी इ मेल से AHOO/REDIFFMAIL/GMAIL/AOL/MSN.

      Top of the day to you.

      For being a regular Web-User,Your email ID has won 750,000 GBP and a cheque has been submitted to Desk To Desk World Courier Service Ltd.
      Contact the courier company with your full Names/Address/Age/Sex/Occupation/telephone and Batch number…….24/00319/IPD,Reff number……XYL /26510460037/05 for claims.

      Email: desk2deskdelivery@live.com

      Telephone Number: +447024061732

  5. Sanjay singh negi says:

    sundar rachna
    bhuddihin gadho ke liye

  6. Sushil Joshi says:

    बहुत ही सजीव रचना है सर। मेरा इनबॉक्स भी ऐसी ई-मेलों से अछूता नहीं है। किंतु मैं लालची नहीं हूँ और न ही मुफ़्त का पैसा पाने की लालसा रखता हूँ। मैंने ऐसी मेलों का केवल एक उपाय निकाला है जिससे वे आइंदा मेरे इनबॉक्स में नहीं आती और वह है उन्हें सेलैक्ट करके रिपोर्ट टू स्पैम करना। जिससे उस ई-मेल आई डी से भविष्य में आने वाली कोई भी ई-मेल सीधे स्पैम में चली जाती है। आपने जिस सुंदर ढंग से सभी को इस खतरे से आगाह किया है वह निश्चय ही अतुलनीय है। बधाई

    • c.k.goswami says:

      @Sushil Joshi, आज हर चौथी मेल इसी तरह की फर्जी होती है.न जाने क्यूँ लोग इनके शिकार में फंस जाते हैं,लोगों को आगाह करना ही मेरा ध्येय था,लगता है उसमे सफल रहा हूँ मैं.
      आपकी सकारात्मक टिपण्णी के लिए धन्यवाद्.

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