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~~चाँदनी रातों में क्या तुम्हे मेरी याद आती नहीं~~

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Hindi Poetry

दिल की बात होठो पे आती है फिर तुम्हारी याद आती है
केसे कहे हम लोगो से हमारी एक प्यार की प्यास बाकी है
शर्बती आँख में डूब जाना है रेश्मी ज़ुल्फ़ में खो जाना है
मोसम गुलाब की ख़ुश्बू है वो तेरे बदन में साईं है

 

दिल से महेबुब की तस्वीर केसे निकाले हम
दिल दीवाना है दीवाने को केसे समजाये हम
बुझती नहीं बिरह की आग केसे बुझाएँ हम
दिल मचल जाता है दिल को संभाले केसे हम

 

चाँदनी रातों मैं क्या तुम्हे मेरी याद आती नहीं
इश्क़ के शिवा हमे कुछ याद आता नहीं
आशिक़ी ख़ूब की है पर हम हारे दिल नहीं
तड़पाया बहुत मुझे तुम ने पर सनम तुम नहीं

 

हमे याद आती है नींद अब आती नहीं
दर्द मिटता नहीं है चैन अब मिलता नहीं
तुमसे मीले बिना दिल को चैन आता नहीं
ये मेरे सनम तुम नहीं तो हम दीवाने नहीं

“किशन”

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    ये कोई ख़ास कविता नहीं है
    पोस्ट करने के पहले इसमें बहुत कुछ सुधार करने की जरूरत थी.
    आप क्या पोस्ट करने के उपरान्त खुद ही अपनी कविता को 5 stars देते है ऐसा है तो ये बहुत बुरी बात है .

    • kishan says:

      @Vishvnand, nahi sir is liye mene star ke baare me yaha jo discus from he usme binanti ki he ki ye apne aap star kyu ho jate he use band nahi kiya jata…vese mene star nahi diye kisi ko achi lagi hogi to shayad star diye honge!!!!!aap ke charnome kishan ka prnaam

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