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तुम कुछ नही कहती !

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Hindi Poetry

मुझे पता नहीं

तुम्हे कैसा लगता होगा

लेकिन मुझे

बहुत तकलीफ होती है

इंतज़ार करने में !

तुम्हारे पूछ्ने का

कि ‘खाना खा लिया क्या’

और फिर गुस्सा करने का

कि ‘अब तक सोये क्यो नहीं’

हर रोज

मै युं ही इंतज़ार करता रहता हुं

तुम्हारे कुछ पूछ्ने का

और हर रोज

मेरी पलकें थक कर ढल जाती है

लेकिन तुम कुछ नहीं कहती.

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    सुंदर भावनिक रचना
    पुराने गीत की याद दिला गयी
    “तुमको ये शिकायत है कि हम कुछ नहीं कहते
    अपनी तो ये आदत है कि हम कुछ नही कहते”

  2. kishan says:

    bahut achhi rachna man gaye aap ko!!!! jay shree krishna

  3. prachi sandeep singla says:

    अच्छी लगी 🙂

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