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***वो भरी जवानी भी क्या, जिसमें कोई दाग ना हों,

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Hindi Poetry

वो भरी जवानी भी क्या,

जिसमें  कोई दाग ना हो, 

 

वो कातिल नजर भी क्या, 

जिसका कोई निशाना ना हो, 

 

वो खूब सूरत  चेहरा भी क्या,

जिसका कोई दीवाना ना हो,

 

वो प्यार की कश्ती  भी क्या,

जिसका कोई किनारा ना हो,

 

वो साजन  का प्यार भी क्या,

जो दिल में रहकर धडकता ना हो, 

 

वो सनम  की याद भी क्या, 

जिसे याद करे उसें पता भी ना हो,

 

वो प्यार की मूरत  भी क्या,

जो पूजने से ख़ुदा भी ना बना  हो…….

 

“किशन”

 

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    हों नही हो होना चाहिए .
    चहेरा नहीं चेहरा होना चाहिए
    और अंदाज़ में भी कुछ गहराई.

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