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सावन आये रे

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Hindi Poetry

सावन आये रे

सावन आये रे….
बादल बिजुरी और हवायें
घिर आये घनघोर घटाएँ
घन बरसाएँ रे…
सावन आये रे….।

सरवन के कच्चे धागों से
बहना करे श्रृंगार भाई का
जग जाने भारत की रीति
मूल्य जाने बहना कलाई का
सब मन भाये रे…..
सावन आये रे …।

कमलेश कुमार दीवान
24/08/2010
होशंगाबाद म.प्र.

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    संक्षिप्त सा मगर सूक्ष्म मधुर भावनाएं समेटे हुए सागर सा अतिसुन्दर गीत .
    बहुत मनभावन.
    हार्दिक बधाई

  2. kishan says:

    सुन्दर गीत सर !!!!

  3. siddha Nath Singh says:

    theek theek si lagi aap se behtar ki ummeed thi.

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