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इंतज़ार

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Hindi Poetry
मालूम नहीं हैं मुझे,
या यूँ कहूँ,,
मालूम है भी,
पर शायद पूरा विश्वास नहीं है…!!
 
कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
मेरे शब्दों के बीच में,
ख़ामोशी से जगह बना कर बैठे,
उन सवालों,
उन संवेदनाओं को,
जो मैं चेहरे पर नहीं लाती…….
 
कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
मेरे दिमाग में चल रही 
उन अस्थिरताओं को,
जो मेरे कानों  तक पहुँचने  ही नहीं देती
तुम्हारी बातों में छिपे मर्म को कभी कभी……..
 
कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
उस ख़ामोशी को,
पी जाती हूँ जिसे मैं अक्सर,
जो जन्म ले लेती है मुझमे,
तुम्हारे तर्कों या हालातों के प्रत्युत्तर में………
 
कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
उन बातों को,
उन विचारों को,
जो मैं कह नहीं पाती अक्सर,
कभी किसी वजह से तो
कभी किसी वजह से………
 
हर बार
दो चार होती हूँ मैं
इसी तरह की भावनाओं,जज्बातों और
कुछ हद तक आशंकाओं से,
 
जब उपज जाती हैं
ऐसी सोच भरी चुप्पी में डाल देने वाली क्यारियां,
किसी भी
तर्कसंगत या निर्मूल विचार की बारिश से,
जो जाने अनजाने
गिर जाती है मेरे मन के आँगन में…..
 
और हर बार
तुम गलत साबित करते हो
इन सभी आशंकाओं को,
मुझे ही यह बता के,
कि क्या सोच रही थी मैं,,,
क्या नहीं कहा मैंने
कब किस पल..!!!
 
 
इस बार भी ऐसी ही कशमकश में घिरी बैठी हूँ..!!
 
और
बस इंतज़ार है
अब उस वक़्त का,
जब
एक बार फिर से  
मेरी खामोशियाँ,,मेरी संवेदनाएं,
तुम्हारे दिल से निकले शब्द रूपों में बहे….!!!
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

15 Comments

  1. Vishvnand says:

    अति सुन्दर, बहुत गहन समझ की समझदारी
    जो अपने विचारों को किसी गहन से प्यारे समझौते की ओर ले जाती है
    इस सुन्दर रचना के लिए हार्दिक अभिवादन और बधाई है …

    “कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
    मेरे दिमाग में चल रही
    उन अस्थिरताओं को,
    जो मेरे कानों तक पहुँचने ही नहीं देती
    तुम्हारी बातों में छिपे मर्म को कभी कभी……..” सन्दर्भ में लाज़वाब पंक्तियाँ

  2. dr. ved vyathit says:

    बहुत सुंदर रचना अत्यधिक हृदय स्पर्शी
    बहुत २ बधाई व् आशीष

  3. Tushar Mandge says:

    nice written poem….
    liked specially these lines….

    कि तुम समझ पाते हो या नहीं,
    उस ख़ामोशी को,
    पी जाती हूँ जिसे मैं अक्सर,
    जो जन्म ले लेती है मुझमे,
    तुम्हारे तर्कों या हालातों के प्रत्युत्तर में………keep writting

  4. amit478874 says:

    very nicely written..! Keep it up..

  5. Harish Chandra Lohumi says:

    कमाल की रचना,
    बधाई !!!

  6. siddha Nath Singh says:

    kamaal ki rachna prachi,keep it up,do linon se ab aage badhne ka avsar aaya aur kitna shreyaskar aaya.

  7. medhini says:

    Sunder rachna, Prachi.

  8. rajdeep says:

    awesome!!!

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