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***ओ कृष्णा आ जाना…***

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Hindi Poetry
 
 
 
कृष्णा आ जाना ओ  कृष्णा आ जाना
अपने  भक्तों की  प्यास बुझा जाना
ओ कृष्णा आ जाना, ओ कृष्णा आ जाना…
कण कण में हैं बसते कृष्णा
बुझे न मन की तृष्णा 
गोपी ग्वाला हर कोई उसको
बोले अपना कृष्णा
सच्चे दिल से इक बार बुला
तो तेरे होगा कृष्णा
बृज भूमि है दिल में तेरे
दिल में तेरे है कृष्णा
मेरा कृष्णा तेरा कृष्णा
सब का है ये कृष्णा
जल में थल में नभ वायु में
पंच तत्व में कृष्णा
हर युग में संहार पाप का
करने आता कृष्णा
टिक पायेगा कोई कंस भी
जब आएगा कृष्णा
आज जन्म है उसी कृष्ण  का
झूलेंगे झूला  कृष्णा
देव पुष्प बरसायेंगे
जब किलकारी भरेंगे कृष्णा
कृष्णमयी सब हो जायेंगे
जब बंसी बजायेंगे कृष्णा
हर मुख से बस निकलेगा इक स्वर
कृष्णा,कृष्णा,कृष्णा राधे राधे कृष्णा 
हाथ जोड़ सब  करते विनती
क्या….
कृष्णा आ जाना ओ  कृष्णा आ जाना
अपने  भक्तों की  प्यास बुझा जाना
ओ कृष्णा आ जाना, ओ कृष्णा आ जाना…
 
सुशील सरना
 

7 Comments

  1. Bhavana says:

    अच्छी रचना सर, मन को भायी।

  2. parminder says:

    बहुत सुन्दर गीत है सुशील जी, पर सुन कर और मज़ा आता!

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