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*****मेरे साजन परदेशी

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Hindi Poetry
ये रचना पहेले लिखी थी लेकिन काफी गलतियाँ  हुई थी सुधार करके फिर से आप सब के सामने लाया हूँ आशा हैं की आप को पसंद आएगी जय श्री कृष्ण
 
 

प्रेम जोगन तेरे नाम की, मेरे साजन परदेशी
चुनरी ओढ़ी तेरे नाम की, मेरे साजन परदेशी

 

पहनूँगी तेरे नामकी कंगना, मेरे साजन परदेशी
दिल पे लिखा तेरा नाम, मेरे साजन परदेशी

 

रुए मेरा दिल रुए मेरे नैन, मेरे साजन परदेशी
बीना तेरे   जिन्दगी  काटी ना कटे, मेरे साजन परदेशी

 

जिंदगी मैंने कर दी तेरे नाम , मेरे साजन परदेशी
प्रेम पुजारन तेरे नाम की, मेरे साजन परदेशी

 

 “किशन”

6 Comments

  1. dr. ved vyathit says:

    निरंतर लिखते रहो खूब लिखो मेरी शुभकामनायें हैं

    • kishan says:

      @dr. ved vyathit, सर आज तो किशन भगवान का दिन हैं और किशन की रचना पे आपने इतने शब्द पुष्प लगा दिए ये आप का उपकार हम नहीं भूलेंगे …जय श्री कृष्ण वेसे कहते हैना की बड़े लोग ऐसे बड़े नहीं होते उसके अनुभव काफी बड़े होते हैं

  2. Bhavana says:

    nice painting…liked it!!

    • kishan says:

      @Bhavana, भावनाजी आप का दिल से आभार आपको रचना का pics पसन्द आया …..जय श्री कृष्ण

  3. sushil sarna says:

    भाव को सुर मिले, सुर को शब्द मिले, शब्दों को रंग मिले, रंगों को संग मिले, संग को सत्संग मिले, सत्संग को मृदंग मिले और मृदंग से जीवन आनंद मिले, यही हमारी आपके लिए कामना है-भावों के धरातल की जमीन कैसी भी क्योँ न हो कलम शब्दों की सडक पर अपना रास्ता तय कर ही लेती है भाव हममे ही जन्म लेते हैं, हमारे साथ जीते हैं हमारे साथ मरते हैं भाव आत्मा की तरह एक अदृश्य काया है-अतः ये वायु की तरह हर बंधन से मुक्त है-अपने भावों को नया आयाम दो-आपके प्रयास में पत्थर को भेदने की शक्ति है-इस सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई-रचना में एडिटिंग कर लेंगे तो रचना और भी सुंदर हो जायेगी

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