« »

*****तुही मेरे मन मंदिर में बसी सजना

1 vote, average: 1.00 out of 51 vote, average: 1.00 out of 51 vote, average: 1.00 out of 51 vote, average: 1.00 out of 51 vote, average: 1.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

हिरनी जैसे  बड़े दो नयन

कातिल  नयन करे मुझे घायल 

 

गुलाबी गाल लहेराती जुल्फे

महेंकता बदन संगे मरमर  

 

दो अधर के अमृत का मै प्यासा

खिलता योवन मचले मेरे नैन

 

जनत की परी जेसी तेरी मुस्कान

तेरे लिए धडके मेरा आशिक दिल

 

कितनी जिंदगी लुटा दूँ  तेरे नाम पे  

तुही मेरे मन मंदिर में  बसी सजना

 

:किशन:

 

Leave a Reply