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कतरा(couplet)

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Hindi Poetry
 
अबके जो बूँदें गिरी तो  जिस्म खाली खाली बोझिल सा  हो गया है कुछ,
शायद आज  आँखों से रूह का आखिरी कतरा भी बह गया…………!!!!!!!
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

10 Comments

  1. sushil sarna says:

    न न इसे कतरा न कहिये, ये तो अपने में एक सागर की गहराई समेटे है-गहरे भाव दिल को छू गए-ये हमारे साथ बहुत लम्बी दूरी तय करेंगे-कितनी बधाईयाँ देने चाहता हूँ ये एक शब्द बधाई में न बता पाऊंगा फिर भी मेरी हार्दिक बधाई प्राची जी

    • prachi says:

      @sushil sarna, आपके इस कमेन्ट से मुझे कितनी प्रसन्नता हो रही है,,मेरे लिए भी शब्दों में समेटना मुश्किल हो रहा है 🙂 फिर भी हार्दिक आभार स्वीकारें 🙂

  2. neeraj guru says:

    शानदार,कसी हुई अभिव्यक्ति.

    • prachi says:

      @neeraj guru, सादर आभार नीरज जी 🙂 आपको पसंद आया ये ”कतरा”…,,मुझे भी लगा कुछ सार्थक लिखा मैंने….बहुत बहुत धन्यवाद् 🙂

  3. Harish Chandra Lohumi says:

    सभी कह रहे हैं तो अच्छी ही होगी !

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