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“नमन वीरों को”

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Hindi Poetry

सब मिल तिलक करें भाल पर, देश हमारा विजयी कहलाया

शौर्य वीर पुरुषों को जनकर,धरती  माँ का मान बढाया

 

सीमा पर तैनात कमर कस, दुश्मन को मार भगाते हैं

हम सब चादर तान कर सोते,वह देश की आन बचाते हैं

 

हम सब हरदम खुश रह पायें,

होली में खेले रंग और

दिवाली में दीप जलाएं

इसी सोच, निस्वार्थ भाव से,

वो देश का मान बढ़ाते हैं

 

देश की असली शान हैं वो, भारत माँ की संतान हैं वो

माँ-बहनों का सम्मान हैं वो ,इस माटी की जान हैं वो

देश की रक्षा करने की खातिर

हँसते-हँसते मिट जाते हैं

 

शत-शत  नमन है उन वीरों को,सुसज्जित खान के असली हीरों को

दीपोत्सव के इस शुभ अवसर पर,सब मिल शीश झुकायेंगे

बलिदान देश के इन वीरों का,हम कभी भूल न पायेंगे

उन सबके सम्मान मे हम, एक दीपक और जलाएंगे

 

6 Comments

  1. Vishvnand says:

    असली देश के वीरों के नमन में स्तुतीपर रचना है .
    Rhythm की द्रष्टि से इसमें सुधार की आवश्यकता लग रही है
    सुधार कर यह इक सुन्दर गीत की तरह गाया जा सकता है .

    रचना के लिए हार्दिक बधाई

    ( भागते को भगाते होना चाहिए )

  2. rajivsrivastava says:

    viro ko sat sat naman–bahut sunder rachna –nitin ji ye viro ko saachi shradhanjali hai –badahai

  3. vibha mishra says:

    नितिन जी अति उत्तम वीर रस से परिपूर्ण है

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