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****आज तुजसे नजरे मिली

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Hindi Poetry

आज तुजसे नजरे मिली

 

ये मस्ती की शाम मै रंग बढ़ गया

मन मदहोश हो के बहक गया

 

आँखों में तुम्हारा चेहरा बंद हों गया

पत्थर दिल सीना बीन आग पिघल गया

 

तेरे बदन की खुश्बू मै मैं उतर गया

मैं इश्क को ढूंढ़ के दीवाना बन गया

 

दिल की धड़कन मै हर बार तेरा नाम आ गया

सनम तेरी कसम तुजसे नजरे मिली तो मैं पागल बन गया

 

“किशन”

4 Comments

  1. Harish Chandra Lohumi says:

    दीवानेपन में अक्सर गलतियाँ हो जाया करती हैं किशन जी !!

  2. Vishvnand says:

    मीना कुमारी जी की तस्वीर बहुत मोहक है
    पर रचना में हिंदी की बहुत सारी गल्तियाँ हैं … 🙁

    • KISHAN says:

      @Vishvnand, ha sir sahi kaha aap ne meri is rachna ke baad ki bhi rachna padh lena please sir koi galti hogi to hume batana aap ki comments humara manobal badhati hai..jai shree krishna

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