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***परवरदिगार का बस दिल मै नाम चाहियें,*****

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Hindi Poetry

ना रूपये चाहियें , ना दुनिया चाहियें, 
दिल मे बस अपनों का प्यार चाहियें,

 

ना दुश्मन चाहियें, ना दोस्त चाहियें,
तकलीफ   मै अपनों का साथ चाहियें,

 

ना दर्द चाहियें, ना दुआ चाहियें,
परवरदिगार का बस दिल मै नाम चाहियें,

  

ना दिन चाहियें, ना महेफिल चाहियें,

हर रंगीन रात मै उसीके ख्वाब चाहियें,

 

ना तड़प चाहियें , ना गम चाहियें,

हर सुबह मै सरस्वती का संगीत चाहियें,

 

ना शेर चाहियें, ना शायरी चाहियें,

दिल के अरमान सिर्फ कागज पे चाहियें,

 

ना तु चाहियें, ना तुम्हारा प्यार चाहियें,

बस हमारे रिश्ते का कुछ नाम चाहियें,

 

“किशन”

2 Comments

  1. Harish Chandra Lohumi says:

    नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  2. kishan says:

    meri aur se hardik subh kamnaye sir

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