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~**सनम मै वो आइना हूँ जिसे देख के तू सँवरती है.

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Hindi Poetry

सनम तू चैन भी ख्वाब भी तू है  

तुजसे दूर केसे जा सकता हूँ

 

सनम तेरे काजल के लिए मै

खुद जल भी सकता हूँ 

 

सनम तेरी मुस्कान के लिए मै

खुद  रो भी सकता हूँ

 

सनम तेरी माँग के लिए मैं

खुद सितारा बन भी सकता हूँ 

 

सनम मैं तेरा दीवाना हूँ 

तेरी हर साँस मै बस भी सकता हूँ

 

 

सनम ये मौसम है दीवाना

इश्क की खुश्बू मैं बस भी सकता हूँ  

 

सनम दर्द तू जुदाई भी तू हैं

तेरे हर सपनो मै बस भी सकता हूँ

 

सनम बस इतना कहेता हूँ

दिल मै हर पल तेरी तस्वीर देखता हूँ

 

सनम मै वो आइना हूँ  जिसे देख के तू सँवरती  है

एक दिन टूट भी सकता हूँ 

 

सनम तेरे हाथो मै संजीवनी है 

मेरी लाश को छु लेना मैं जिन्दा हो  भी सकता हूँ

 

“किशन  “

4 Comments

  1. Harish Chandra Lohumi says:

    उत्कट अभिव्यक्ति प्यार की !

  2. sushil sarna says:

    भावनाओं का ज्वार है-अच्छा प्रयास किशन जी-जय श्री कृष्णा

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