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अकेले तय नहीं होता सफ़र उनको बता देना.

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Crowned Poem, Hindi Poetry

अकेले तय नहीं होता सफ़र उनको बता देना.

जुबां कहने न गर पाए निगाहों से जता देना.

 

ये तुम भी जानते हो आदमी गलती का पुतला है,

नज़र अंदाज़ कर पाओ तो कर मेरी खता देना.

 

तुम्हारा आशियाँ अल्लाह रक्खे ता-अज़ल कायम,    ta-azal sansar rahne tak

कभी आये भी तुम तक बर्क़  तो मेरा पता देना.    barq-bijlee

 

गवाही दिल नहीं देता कि दिल तोडूं तुम्हारा मैं,

जवाब आता है मुझको भी,न मैं पर चाहता देना.

 

बहुत आसान है मजलूम को मिल कर सता देना.

सुकूं मिस्कीन को कोई ही कोई जानता देना.         sukoon-shanti,miskeen-dukhee

29 Comments

  1. P4PoetryP4Praveen says:

    तुम्हारा आशियाँ अल्लाह रक्खे ता-अज़ल कायम,
    कभी आये भी तुम तक बर्क़ तो मेरा पता देना.

    क्या बात है जी…बहुत ही शानदार रचना… 🙂

    (5 *****) सप्रेम भेंट… 🙂

  2. anju singh says:

    bahut khub sir…

  3. neeraj guru says:

    बेहतर ग़ज़ल है.

  4. Abhishek Khare says:

    बहुत खूब सर

  5. Vishvnand says:

    बहुत अच्छे, बहुत मन भायी
    हार्दिक बधाई

    “गवाही दिल नहीं देता कि दिल तोडूं तुम्हारा मैं,
    जवाब आता है मुझको भी, न मैं पर चाहता देना”…..वाह बहुत खूब

  6. Reetesh Sabr says:

    गवाही दिल नहीं देता कि दिल तोडूं तुम्हारा मैं,
    जवाब आता है मुझको भी,न मैं पर चाहता देना…

    इतना पसंद आया कि अपना स्टेटस मेसेज बना लिया बा-हक,
    इजाज़त बा-इत्तेला अब पूछ लेता हूँ जनाब से 😉

  7. Harish Chandra Lohumi says:

    इस शानदार ग़ज़ल के लिए इसके रचियता ही नहीं अपितु p4poetry के Moderators और सम्पादक मंडल भी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने समय से मूल्यांकन कर रचना की ताजपोशी की है . अक्सर ऐसा पाया गया है की रचनाएं p4poetry के मुखपृष्ठ को छोड़ चुकी होती हैं तब उनको Crown नसीब होता है. मुखपृष्ठ को सुशोभित करने वाली इस मनभावन ग़ज़ल के रचियता और p4poetry के समस्त पारिवारिक सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिये हार्दिक बधाइयां और धन्यवाद .

  8. Harish Chandra Lohumi says:

    नहीं आया ! बिलकुल मज़ा नहीं आया ! इतने महीनों तक नहीं दिखायी देंगे तो कैसे मज़ा आ सकता है ? सर जी ! इस स्पीड से इधर उधर ही न घूमते रहिये ! एकाध बार इधर भी रुख कर लिया कीजिए .
    मूड फ्रेश करने वाली रचना . बधाई !!!

  9. Sinner says:

    बहुत खूब मनभावन..

    गवाही दिल नहीं देता कि दिल तोडूं तुम्हारा मैं,
    जवाब आता है मुझको भी,न मैं पर चाहता देना.

  10. pallawi says:

    बोहुत पसंद आई सर!!

  11. prachi sandeep singla says:

    veryy nice sir 🙂

    • siddha Nath Singh says:

      @prachi sandeep singla, thanks,prachi,बहुत दिनों के बाद दिखीं ,खैरियत तो है.

      • prachi sandeep singla says:

        @siddha Nath Singh, आपका ये प्रत्युत्तर पढ़ के अच्छा लगा,,सब ठीक बस इस नए साल से पहले हमने हमारी दादी को खो दिया…still trying 2 recover from dat loss….so absent 4m d site 4m a long tym…will soon try 2 post a poem also…

  12. U.M.Sahai says:

    बहुत अच्छी ग़ज़ल, एस. एन. मज़ा आ गया.

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