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अफसोस ना करना…

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Hindi Poetry


कल अगर मैं सूखे पत्ते सी उड़ जाऊ,
अफसोस ना करना, अगर भीड़ में नजर ना आऊ।।

दुःख की उंगली छोड़ देना,
थाम लेना खुशियों का हाथ।।

रात की चांदनी से कर लेना दोस्ती,
तन्हाई में ना करना मुझे रोकर याद।।

कल अगर मैं सूखे पत्ते सी उड़ जाऊ,
अफसोस ना करना, अगर मैं भीड़ में नजर ना आऊ।।

प्यार की बागिया में लगाना खुशियों के पौधे,
याद रखना अपने आप को, मुझे लेकर ना पछताना।।

सादगी और सच्चाई से अपनी गृहस्थी तुम सजाना,
हंसाना और मुस्कुराते हुए अपना वैवाहिक जीवन बीताना।।

कल अगर मैं सूखे पत्ते सी उड़ जाऊ,
अफसोस ना करना, अगर भीड़ में नजर ना आऊ।।

18 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत सुन्दर मार्मिक भावनिक रचना,
    पर ऐसा और इतना क्या जरूरत सोचना ?
    वैसे मन भाया बहुत ये आपका लिखना
    हार्दिक बधाई

  2. Sinner says:

    अंजू
    तुम्हारी कविता का त्याग तो कुछ और ही इशारा करता है…
    अगर मे गलत न हू तो क्या ये त्याग प्रेरणा है क्या लिखने की तुम्हारे???

  3. P4PoetryP4Praveen says:

    दर्द से सुसज्जित और प्रेम में आकंठ डूबी हुई…

    प्रेम की सच्ची परिभाषा (सिर्फ़ पाना ही प्रेम नहीं होता) बताती…अनमोल रचना…

    बधाई… 🙂

  4. siddha nath singh says:

    आप ने उस गीत की याद दिला दी-
    खुश रहो हर ख़ुशी है तुम्हारे लिए
    छोड़ दो आंसुओं को हमारे लिए.
    बहुत अच्छी कविता.

  5. rajivsrivastava says:

    kya baat hai! badi marmsparshi rachna hai! badahai

  6. ashwini kumar goswami says:

    बहुत प्रभावशाली एवं संवेदनात्मक रचना है, बहुत बहुत बधाई !

    • anju singh says:

      @ashwini kumar goswami,
      नमस्कार सर जी, आप ने मेरी रचना को पढ़ा, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है…
      आप का बहुत बहुत आभार ….बहुत बहुत धन्यवाद सर जी.

  7. gargi says:

    प्यार आत्मा से जुड़ा है… सही में आपकी यह रचना उसी बात को प्रतिबिंबित करती है….
    बधाई …!

    • anju singh says:

      @gargi,
      गार्गी जी आप का बहुत बहुत और दिल से शुक्रिया… वैसे आप की प्रतिक्रिया भी मेरे लिया कम उत्साहवर्धन नहीं है…

  8. KasaK....Dil ki says:

    anju ji
    dard aur pyaar se bhari aapki ye rachna dil me gehre apni jagah bana gai….har shabd apne aap me apne pyaar ko khone k dar k sath uski khushiyon ki kaamna karta hua..bht hi pyari rachna hai ye aapki…..bht badhai iss khubsurat rachna k liye…

  9. anju singh says:

    dil ki gehrai se aap ka bahut bahut dhanywad kasak ji….

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