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छोटी सी सोच

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Hindi Poetry

छोटी सी सोच हमारी

एक दिन कुछ खाश कर जाए गी

होगा हमारा  देश एक खुशहाल देश

न कभी गुलामी आ गी

अपने  ही देश को न करे कमजोर

यह अपनी ही कमजोरी है

हमारा देश एक शक्तिशाली देश है आज

यह आज सभी जान लो

दुश्मन को देते है जबाब आज

न कभी वो हमारी तरफ आखे उठाए गए

7 Comments

  1. kumar says:

    आप न तो सभी बातो को सुंदर तरीके से लेखा है
    good

  2. Vishvnand says:

    कल्पना अच्छी है पर
    रचना में शब्दों की कई गल्तियाँ हैं जो अखरती हैं .
    कृपया edit कर इन्हें ध्यान से सुधार दीजिये तब ही ये अच्छी कविता कहला सकेगी ..

  3. Harish Chandra Lohumi says:

    अच्छा प्रयास लेकिन किस रस में लिखा गया है स्पष्ट नहीं हो पा रहा है .
    वैसे देश-प्रेम की कविता वीर रस में लिखी गयी हो तो ज्यादा अच्छी प्रतीत होती है. यह मेरा व्यक्तिगत सोचना है .
    कविता छंदबद्ध हो तो और भी अधिक आकर्षक लगती है .

  4. P4PoetryP4Praveen says:

    विश्वनंद दादा और हरीश जी की बातों से पूर्णतः सहमत हूँ….

    कृपया सुझावों को गंभीरता से लें…

  5. anju singh says:

    यह आप की दूसरी रचना है… सोच बढ़िया है.
    बस थोड़ी मेहनत और करके शब्द दोष को दूर कर दीजिये …वैसे आप की कोशिश बढ़िया है…

  6. renukakkar says:

    बहुत अच्छा लिखा है.

  7. mukesh says:

    aap n to accha leakha hae per kuch kamea h
    jena aap sudharae

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