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तुम आओ तो बरसे सावन

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Hindi Poetry

क्या सावन बरसेगा अबके

क्या होगा साजन से मिलन

देख देख राह थकी रे अखियाँ

तड़प तड़प जाये रे मोरा मन

 

नयनन नीर बरस रहा रे

जियरा मोरा तरस रहा रे

धूप भयी बैरन अब तन की

झुलस रहा हाय रे मोरा मन

 

मेघदूत कोई आयेगा कब रे

प्रेम-संदेस मोरा लायेगा कब रे

दियो रे खबरिया उनको कोई

प्राण हरेगी जुलमी बिरहन

 

मन झूठे सपने है बुने रे

दोनो में कोई नाता सा लगे रे

सावन आये तो तुम आओ

तुम आओ तो बरसे सावन

8 Comments

  1. siddha Nath Singh says:

    bahut khoob, barkha rani jara tham ke baraso
    pee mere aa jayen to fir jam ke barso.

  2. सावन का महिना प्रेमियों के लिए हमेशा उंमिद भरा रहा है अच्छी रचना के लिए बधाई

  3. Vishvnand says:

    सावन पर बड़ा मनभावन सुन्दर सा गीत
    और मज़ा आये इसे तर्ज़ में गाकर podcast करिए मीत
    लय के हिसाब से थोड़ा फेर बदल करना शायद होगा उचित ….

    हार्दिक बधाई

  4. Hi
    Very interesting concept of rain bringing messages to lover Earth.Liked the lines ” Savan aye tho tum aao ; Thum aaoo tho barso savan “.
    sarala.

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