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जब जब….(couplet)

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Hindi Poetry

जब जब की ज़िन्दगी से  अपने लिए कुछ पल चुराने की कोशिश,,

वक़्त ने तब तब ला के दुनियादारी के दरवाज़े पर छोड़ दिया…!!!!

5 Comments

  1. s.n.singh says:

    bahut khoob, gaagar me saagar bharne yahi hota hai.

  2. Vishvnand says:

    बहुत अर्थपूर्ण खूबसूरत पंक्तियाँ
    बहुत मन भायीं

    जब जब ऐसा हुआ
    तब तब हमने खुद को नहीं वख्त को दोष दिया ,,,,

  3. pallawi says:

    liked it !!

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