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तुमसे नज़र जो जा मिली वक्ते रवां ठहर गया. वक्ते रवां-सचल समय

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Hindi Poetry

तुमसे नज़र जो जा मिली वक्ते रवां ठहर गया.  वक्ते रवां-सचल समय

दिल ये धडकना भूल के ऐ मेहरबां ठहर गया.

 

लम्बे अभी थे फासले यूँ तो दयारे यार के,   दयारे यार-प्रिय का  स्थान

ऐ मीरे कारवां बता ये तू कहाँ ठहर  गया.   मीरे कारवां-कारवां के प्रमुख

 

 बच के रहो मुहाफ़िज़ों,चरों तरफ हैं राहजन,   मुहाफिज-रक्षक,राहजन-लुटेरे

कुछ भी बचा न पायगा जो भी यहाँ ठहर गया.

 

इतना सहल न मानिए जद्दो जहद कठिन है ये,   जद्दो जहद-संघर्ष

खुद से है जीतना हमें, रन खुद से याँ ठहर गया.   रन-रण

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