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त्यौहार पर

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Hindi Poetry

खुलें हाथ तो हो ईद-उल-फितर
हाथ जोड़ कर लायें गणपति घर
आजू-बाजू पड़ोसी से त्यौहार हैं
मिल-जुल के मनाना ही प्यार है
ये कितने वक्त से हरदम संग-संग
रंग के देखो न छूटे ये मिलन रंग

ईद और चतुर्थी का उत्साह…जय हो गणपति अल्लाह!!!

7 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत खूब, बहुत अच्छे
    त्यौहार मनाना असली
    ऐसे ही प्यार में सच्चे ..

    • Reetesh Sabr says:

      दादा आपकी सराह और आशीर्वाद हर बार बेशुमार मिलता है…हम चाहे लगातार आ पाएं या नहीं..कैसे शुक्रियादा करें, नहीं जानते हैं.

  2. siddha Nath Singh says:

    bahut sundar izhaar.

    • Reetesh Sabr says:

      सिद्ध जी..आजकल ऐसे ही मुख़्तसर से ख्याल आते हैं, सच्चे से होते हैं इसलिए बस इज़हार करता चलता हूँ. आपकी हौसला अफजाई का कद्रदान हूँ.

  3. rajdeep says:

    superb

  4. Narayan Singh Chouhan says:

    इन्ही संस्कारो से जाना जाता है भारत ….
    सारी दुनिया इसकी कायल है …… अच्छे विचार है /

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