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ज़मीं का दर्द न समझेंगे आसमां वाले.

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Hindi Poetry

ज़मीं का दर्द न समझेंगे  आसमां वाले.

कदम कदम पे कुचल देंगे आसमां वाले.

न देख पाएंगे कोशिश कभी संवरने की,

सर आसमान उठा लेंगे आसमां वाले.

यही से टूट के पाया है चाँद को फिर भी,

तवक्को और भी रक्खेंगे आसमां वाले.

One Comment

  1. गजल की यह पंक्तिया अच्छी लगी की …..
    न देख पाएंगे कोशिश कभी संवरने की,
    सर आसमान उठा लेंगे आसमां वाले.

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