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नए साल की सुबह

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Hindi Poetry

फिर नए साल की सुबह खिली है,
फिर नयी उमीदें दिखी हँ,
फिर नयी कलियाँ खिली हँ,
फिर आँखों में नए सपने सजे हँ,
फिर हज़ार वादे खुद से किये हँ,
बीते साल के टूटे वादे साथ लिए हँ,
करेंगे अबकी बार हर सपना पूरा,
सबके दिल में जगह अपनी बनायेंगे,
हर आँख में इक प्यारा सपना सजायेंगे.

One Comment

  1. siddha Nath Singh says:

    dua hai khuda tamanna poori kare.

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