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॥लोकगीत॥ १ थोड़ा सा समझ के

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Hindi Poetry

॥लोकगीत॥ १
थोड़ा सा समझ के

थोड़ा सा समझ के
दबइयो बटन भैया
दबइयो बटन बहना
जा मे से…….
लोकतंत्र आयेगो ।
सबके मन भायेगो।
हम सबको निबाहेगो।

जाति पाँति धर्माधरम
बात करत बड़ी बड़ी
बाँटे है देश और
घात करत घड़ी घड़ी
जीत के जो
फूलो न समायेगो ।

थोड़ा सा समझ के,
दबइयो बटन भैया
सबके मन भायेगो।
ओ भैया ,ओ बहना,
जा मे से लोकतंत्र आयेगो ।

थोड़ा सा समझ के
दबइयो बटन भैया
दबइयो बटन बहना
जा मे से लोकतंत्र आयेगो
सबके मन भायेगो
हम सबको निबाहगो ।

कमलेश कुमार दीवान
१९ अप्रेल २००९

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    सामयिक अर्थपूर्ण लोकगीत
    मनभावन और प्यारा
    बधाई

    “थोड़ा सा समझ के
    दबइयो बटन भैया”
    बहुत कुछ बदलना है
    न भूलें भैया

  2. s n singh says:

    sundar prastuti

  3. santosh bhauwala says:

    समसामयिक लोक गीत, बधाई !!!

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