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कुछ लोग रहते थे पड़ोस में

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Hindi Poetry

कुछ लोग रहते थे पड़ोस में
कहीं खो गए हैं
या वो सब सो गए हैं
या अजनबी हो गए हैं
बत्तियां बंद है
पर नहीं लगे हैं ताले
उन दरवाज़ों पर
पड़ने लगा है सन्नाटा भरी
शहर की आवाज़ों पर
आहट नहीं सुनती कोई  अब इन मकानों में
शोर से ज्यादा चुभती है ख़ामोशी अब इन कानों में
कुत्ते जो भोंकते थे इन गलियों में
वो क्यूँ आज रो रहें  हैं
कुछ लोग रहते थे ………………………………..

One Comment

  1. Vishvnand says:

    रचना क्या कहना चाहती है
    आयी न बात ठीक कुछ समझ में

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