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हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे….! (भक्तिगीत)

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Hindi Poetry, Podcast

I have as a trial, tried  to post this Bhakti Geet of mine along with its normal podcast as also with its recording as a video( the red line He Prabhu mere_0001) which if you double click takes you to the video though I find it takes some time to load & appear. This is not the case with the normal podcast. Hope you enjoy this posting

He Prabhu mere_0001

 

हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे….! (भक्तिगीत)

हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे
हे प्रभु मेरे तुम ही, हम सब के सहारे हो
मेरा सर्व तुम्हे अर्पण, तुम इतने प्यारे हो ….!

क्या समझूँ कितनी अजब, जीवन की ये राहें
तू ही तो समझ देता, जो कुछ भी हम चाहें …
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे
इक तू ही कर्ता है, पृथ्वी को सम्हाले है
तू जो भी करता है सब के लिए अच्छा है ….
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे
हे प्रभु मेरे तुम ही, हम सब के सहारे हो
मेरा सर्व तुम्हे अर्पण, तुम इतने प्यारे हो ….!

सुख दुःख सब माया हैं, इसमें न उलझना है
तेरी भक्ति में सब को, आनंद से जीना है ….
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे
ये काज जो सामे हैं तेरे ही तो भेजे हैं
कर तनमन से इनको अर्पण तुझे करना है.
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे ….!

यह मानव जन्म हमें सौभाग्य से मिलता है
वरदान ये कितना बड़ा, तेरा बन रहना है
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे
हे प्रभु मेरे तुम ही, हम सब के सहारे हो
मेरा सर्व तुम्हे अर्पण, तुम इतने प्यारे हो
हे प्रभु मेरे, प्रभु मेरे ….!

” विश्वनंद “

One Comment

  1. s n singh says:

    bhakti ras se ot prot rachna, kaash tukon ka bhi nirvaah karti to alag hi samaa bandh jata.

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