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ना टूटेंगे, ये रिश्ते नाते “

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Hindi Poetry

‎”ईश्वर ने जो बना दिए रिश्ते वो तोड़े नहीं जाते
तुम तोडना चाहोगे तो भी ना टूटेंगे, ये रिश्ते नाते ”
क़र दो बोलचाल बंद तुम ,इससे क्या हो जायेगा
जीजा जीजा ही रहेंगा और साला साला ही कहलायेगा ”
सासु वो कड़ी है जो बेटे बहु को जोडती है

जीजा -साले में अमृत घोलती है
मगर जब कड़ी तोड़ने की सब ठान लेंगे
समझो इन रिश्तों की जीते जी जान लेंगे
अहम् की लडाई में क्यूं इक दूजे को नीचा दिखाया जाता है
धमकियों की मार और गालियों की बौछार से क्यूँ भिगोया जाता है
दो बोल प्यार के तो बोलो कभी
प्यार की कड़ियाँ जुड़ जाएँगी सभी

5 Comments

  1. s.n.singh says:

    seekh kise dee jaan n paaye.

    • C K Goswami says:

      @s.n.singh, टूटते परिवारों के लिए ये सीख है,जहाँ भाई और बहन संपत्ति के कारण या अन्य किसी कारण से लड़ रहे हैं उनके लिए ये सन्देश है .

  2. Vishvnand says:

    शायद अपने देश की राजनीति और Parliament में जो हो रहा है
    उसका ही परिणाम अब पारिवारिक रिश्तों में भी घुस गया है
    धन की ऐसी भ्रष्ट हाव ही देश और रिश्तों को विनाश की ओर ले जा रहा है
    बड़े स्तर पर कोई नैतिक revolution ही शायद अब इसका उपाय है….
    वरना मानव को तो जानवरों से बत्तर जीना भी अब रास आने लगा है…

    रचना के लिए बधाई

  3. Vishvnand says:

    इस सुन्दर पोस्टिंग पर मुझे यह भी कहने से रहा नहीं जाता …

    हर परिवार में रिश्ते की जड़ नारी होती है
    अच्छे रिश्ते बनाना सम्हालना या बिगाड़ना इसलिए अक्सर नारी के हांथो होता है
    माँ का अपने बेटी के प्रति और बहु के प्रति यवहार में बहुत फर्क होता है
    बेटी का अपनी माँ के प्रति और सास के प्रति व्यहार में भी बहुत फर्क होता है
    पुरुषों का रिश्ते बनाने या बिगाड़ने का भाग उतना ही होता है जितना और जैसा माँ या पत्नी उसे बहकाए रहती है
    जहां नारियां ये बात समझती है इक दूसरे के द्वेष के बदले प्यार और समझ पर ज्यादा ध्यान देती है वहां रिश्ते सुखदायी होते हैं ..

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