« »

उन लोगों के लिए क्या कहूँ

1 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 5
Loading...
Uncategorized

उन लोगों के लिए क्या कहूँ
जो सिर्फ अपने और अपने लिए ही जानते हैं जीना
जिनका काम है बस अपनी स्वप्रशंसा के जाम पीना
ऐसे लोगों का नहीं है किसी से कोई वास्ता
जो अपनाते हैं सदा स्वहित का रास्ता
किसी के प्रति हमदर्दी इनके दिल में कभी जागती नहीं
स्वार्थी सोच से भरे ऐसे लोग ,जिनकी नज़रें कभी गरीबों की और झांकती नहीं
समाज और जाति को कभी भूल कर भी वो याद करते नहीं
किसी दुसरे के दुखदर्द में जो कभी आह तक भरते नहीं
ऐसे लोगों को देखा है मैंने भी रोते हुवे
अपने पे आये संकट पे आपा खोते हुवे
अपने पे आयी विपदा पे इन्हें समाज याद आता है
जब बीमारी में दवा का खर्च उन्हें सताता है
उन दिनों देते हैं ये समाज को ढेर सारी उलाहना
जब पड़ता है इन्हें अकेले बीमार रिश्तेदार को संभालना
इन दिनों याद आती है इन्हें समाज की
किससे मांगे मदद, शर्म आती है लोक लाज की
क्यूंकि
जब समाज को जरुरत थी इनकी ,इन्होने दिखाई थी बेरुखी
आज इन्हें जरुरत पडी समाज की तो क्यूँ हो रहे दुखी

अरे झूठे दंभ की हुंकार भरनेवालों ,जरुरत समझो समाज की
अहमियत समझो उस जरूरतमंदी आवाज़ की
जिसेतुमने कभी कर दिया था अनसुना
जरुरत है उनके कानो को ,आज मदद के साज़ की

जन्मदिन की खुशियाँ ये समाज ही मनायेगा
शादी ब्याह में समाज ही बारात की शोभा बढ़ाएगा
मर भी जाओगे तो अर्थी में कन्धा भी यही लगाएगा
सर्व संस्कारों में यही काम आएगा

मत खुश हो किसी को रुला कर
झूठे मद में दंभ से सर उठा कर
ये मत भूल दुःखसुख, सभी के जीवन में आते हैं
कभी हंसाते हैं कभी रुलाते हैं
आज तू सम्रद्ध है ,सहायता देनेके लायक है
किसीके दुःख दर्द में बन सकता तू सहायक है

5 Comments

  1. kusum says:

    Good thoughts. Wise advice.
    Keep it up. Kusum

  2. Suresh Rai says:

    satya darsati rachna.
    do gaj jamin thi unki aakhri manjil
    bada makaan dhundte rahe vo umra bhar
    suresh

  3. s.n.singh says:

    bahut sundar aur saamayik

  4. Vishvnand says:

    atisundar arthpoorn vivechan
    Har maanav gar samjhe ye baaten aur kare is par manan
    Kaary aur karm unkaa madad kare banaane har jeevan saarthak jeevan
    Rachanaa ke liye hardik abhivaadan … !

  5. C K goswami says:

    phal kiye apne ka milta ,sansaar ki ye reet hai
    jug ke liye tu haar jaa,tab hi samajh teri jeet hai

Leave a Reply