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HAPPY BIRTHDAY

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Hindi Poetry

क्या किसी को ये आभास है
अपनों की दुवाओं में कितना विरोधाभास है
हर जन्मदिन पे हम दुवाएं देते हैं उम्र बढ़ने की
पर सच्चाई ये है , हर साल देता सन्देश उम्र घटने की
साल गिरह जोश-खरोश से मनाई जाती है
जिन्दगी का एक साल कम हुवा ,इसी खुशी में महफ़िल सजाई जाती है

5 Comments

  1. Vishvnand says:

    सुन्दर रचना , अर्थपूर्ण और प्रभावी
    इस अभिव्यक्ति को हार्दिक अभिवादन

    आजकल खुद का Birthday मनाना और औरों से मनवाना जाने कैसा commercial दिखावा और अहंकार का बुरा प्रदर्शन सा हो गया है और यह बुरी प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है। …

    इसी विषय पर मुझे छुटपन में मेरे इक जन्म दिन पर पिताजी ने समझाई बात याद आ गयी …
    उन्होंने कहा था “बेटा अपना जन्म दिन धूम धाम से नहीं , चुपचाप अपनी ही खुशी में मनाना होता है
    मंदिर में जाना और भगवान् से प्रार्थना करने का होता है
    तुम्हे आज क्या खाने का जी चाहता है वह माँ को बताना होता है
    परिवार में अपनों से बड़ों का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद मांगने का होता है
    अपना जनम दिन बड़े धूम धाम से मनाना अपना व्यर्थ अहंकार प्रदर्शित करना सा होता है जो गलत है
    हमारी संस्कृति में हम बड़े धूम धाम से देवी देवताओं का ही जन्म दिन मनाते हैं अपना नहीं
    और देवी देवताओं का जन्म दिन मनाना ही हमारा असली में उत्सव और त्यौहार मनाना कहा जाता है। …
    यूरोपियन लोग अपना खुद का ही Birthday मनाते हैं क्यूंकि उनके पास क्रिसमस और New year आदि के परे और त्यौहार नहीं होते
    अपनी संस्कृति और उनकी संस्कृति में बड़ा फर्क है और हमें किसी भी बुरे अनुकरण से हरदम बचना होता है ….!”

    आपकी ये posting पढी और पिताजी ने कही इस विषय पर यह सालों पुरानी बात सामने आ गयी …!

  2. kusum says:

    This advice holds good for old people who do not wish to live too long.
    But Many happy returns of the birthday are welcome for youngsters who have a long way to enjoy in their life.
    Kusum

  3. s.n.singh says:

    shayad manzil paas aane ki khushi manaate hain ab log
    soone sab tyohar hue hain, khud me kho jate ab log.

  4. C K goswami says:

    marna to sabhi ko hai ik din,marne se mat daro
    satya likhne ka sahas kiya hai ,satya ka samna karo

  5. parminder says:

    Nahin, khushi is liye bhi to manaayi jaa sakti hai ki ek saal aur sukh-shaanti se nikal gaya! sakaraatmak soch rakhni chaahiye n shrimaan 🙂 !

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