« »

डर जा तू

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading...
Uncategorized

हे भलमानुष डर  जा तू

मत दुश्मन के भी घर जा तू

उसके भी बेटी तो होगी

उसकी शर्म तो कर जा तू

इज्जत की रोटी क्यों छोड़े

रिश्तों को ऐसे क्यों तोड़े

कच्चे धागों में प्यार बंधा

बदनामी से तो डर जा तू

जो माँ बननी बच्चों की तेरे

एक हाथ शीश पे धर जा तू

एक तरफा प्यार नहीं मिलता

डर जा तू डर जा तू

 

 

 

Leave a Reply